गुरुवार, 3 अक्टूबर 2019

योग



आइए योग का महत्व को जानें
 योग हमारे जीवन में बहुत ही महत्त्वपूर्ण है।
योग के बिना हमारा सरिर कभी विकास नहीं कर सकता यह हमारे शरीर को तंदुरुस्त एवं फुर्तीला रखता है यह हमारे सरीर में एंटीबायटिक के तरह कार्य करता है योग हर इंसान को कमसे कम 40 मिनट जरूर करना चाहिए। यह हमारे सारिर के ब्लड को सही रूप से चलने में सहायता करता है ।
यह हमारे दिमाग को तनाव से मुक्त करता है इससे और बहुत कुछ फायदा है। 
यह हमारे सारीर को कई प्रकार के बीमारियों से भी बचाता है। 

जैसे - डायबिटीज, पागलपन, सरदर्द, गठिया, लकबा, कैंसर, मिर्गी, नींद ना आना ,आलास्पन आदि ।
इस लिए हमें चाहिए कि कम से कम 40 - 45 मिनट योग करे. 
योग कई प्रकार के होते हैं।
इसे कई प्रकार से किया जा सकता है।
इसे कभी भी कहीं भी किया जा सकता है।
इसमें कोई खर्च भी नहीं है और कई खतरें से बचा भी का सकता है ।

ध्यान कैसे लगाए 
सबसे बहले हम सुखासन में बैठ जाएंगे उसके बाद हम या तो दोनों हाथों को एक दूसरे से फसाएगे या दोनों हाथों को ज्ञान मुद्रा में गदोनो घुठना पर रखेगें ।
ज्ञान मुद्रा यानी अंगूठा को अंगूठा के बगल वाली उंगली को ओ आकर का बना के रखने से ज्ञान मुद्रा होता है ।
उसके बाद हम आंखों को बंद करेंगे और धीरे - धीरे अपने सासों पर ध्यान देने की कोशिश करेंगे।

ध्यान कहां करें 
ध्यान हम कहीं भी के सकते है किन्तु नदी के किनारे या पिर्मिड में ध्यान करने से अधिक लाभ होता है।
ध्यान हम कुर्सी पर बैठकर या सो कर भी कर सकते हैं ।
ध्यान कब करें 
ध्यान हम कभी भी किसी भी समय कर सकते है साम, सुबह, दोपहर, आदि।
किन्तु सुबह का समय अधिक लाभकारी होता है।
ध्यान कितनी देर करें
वैसे तो ध्यान जितनी अधिक करेगे उतनी ही लाभकारी होता है किन्तु हम उम्र के हिसाब से भी क्या कर सकते हैं।
जैसे - पांच वर्ष के व्यक्ति को पांच मिनट ध्यान करना चाय उसी प्रकार तीस वर्ष के व्यक्ति को रोज तीस मिनट ध्यान करना चाहिए।
ध्यान से लाभ
ध्यान करने से हम तनाव मुक्त रहते हैं, ध्यान करने से हमारे अंदर अधिक से अधिक विश्व शक्ति का संचार होता है जिससे हम हमेशा ऊर्जावान रहते हैं।
विश्व शक्ति हमें सोने से भी प्राप्त होता है को की हमारे दिन चर्या के लिए बहुत ही कम मात्रा में प्राप्त होता है और ध्यान करने से हम भरपूर विश्व शक्ति की प्राप्ति होती है जो हम स्वस्त, तंदरुस्त अवाम फुर्तीला बनाता है। ध्यान करने से हम अध्यात्म को प्राप्त कर सकते है। ध्यान से हमे खुद को जानने की शक्ति मिलती है इससे हमें किसी भी कार्य को करने में एकाग्रता प्राप्त होता है।
ध्यान ईश्वर तक पहुंचने का एक मात्र मार्ग है।


प्राणायाम
प्राणायाम यानी अपने प्राणों के साथ व्यायाम करना ही प्राणायाम कहलता है। ये कई प्रकार के होते हैं।
जैसे - भर्मारी प्राणायाम
उद्दगीत प्राणायाम
अनुलोम विलोम
आदि।
प्राणायाम का लाभ
हमें कम से कम 30 मिनट मेडिटेशन करनी चाइए, इससे हम तनाव मुक्त और निरोग जीवन व्यतीत कर सकते हैं । मेडिटेशन हर किसी को करनी चाइए चाहे ओ बच्चे हो या बुजुर्ग या युवा हो ये सब के लिए जरूरी हिस्सा है। 
मेडिटेशन से अध्यात्म का भी ज्ञान होता है और शांति की भी प्राप्ति होती है । मेडिटेशन से सभी प्रकार की बिमरियो का इलाज किया जा सकता है । 
मेडिटेशन कभी भी कहीं भी और किसी भी अवस्था में किया जा सकता है । आप इसे बैठ के या सके या खरा अवस्था में भी कर सकते हैं । 
केवल यह ध्यान देना होता है की मेरा हरेक इंद्रियां हमारे बस में है या नही ।

1 टिप्पणी:

SANGEET KA JANAK KAUN HAI

  संगीत का जनक कौन है ?  शिव पुराण से अनुशार , संगीत का जनक भगवन शिव को माना जाता है।   इस लिए इनका प्रतिमा नटराज के रूप में देखा जाता हैं। ...